Hi everyone welcome to the atozshayar.comशायरी सिर्फ़ शब्द नहीं, यह दिल की आवाज़ होती है। हर वो आवाज चाहे मोहब्बत हो, दर्द हो, दोस्ती हो या प्रेम हो हम उसे शायरी के अंदाज में व्यक्त करना ज्यादा पसंद करते है और इस अंदाज में व्यक्त करने का अलग ही मजा आता है तो हम आपके लिए इसी तरकी कुछ alfaaz shayari in hindi लाए हैं जिसमे आपको अल्फाज शायरी इन हिंदी, लव अल्फाज शायरी, दोस्ती अल्फाज शायरी, टू लाइन अल्फाज शायरी जज़्बात अल्फाज शायरी, डीप मीनिंग अल्फाज शायरी सेड अल्फाज शायरी ये सभी प्रकार की alfaaz shayaris आपको हमारे इस ग्लॉग में देखने को मिलेंगी
Alfaaz shayari in hindi

सफेद कागज पर हमने अपना गम रख दिया
लिख के अधूरे अल्फाज हमने गुजारा कर लिया
यहां तो हर कोई हर किसी से रूठा है
तुम्भी पढने आए हो अल्फाज
तो सायड तुम्हारा भी दिल टूटा है
जख्म दिया है उसने पर
दिल को अब्भी उसे पाने की आस है
और कुच नहि Life में हमारे
यही हमारे अल्फाज है
सोचा की जुडा होके उश्से सबको जुडा करू
ना अब इस दिल में मोहब्बत है ना किसी की आर्जू
बिछड के तुझसे ये सक्स कब का मर चुका है
बस जनाजा निकल ने में अभी देर है
एक चाहत की सजा कुच ऐसी मिली
जिन्दगी भर जक्ख की हदकर्रिया मिली
रुला दिया उसने जो कभी था हस्ता
भूला दे उस बेवफा को ए खुदा
तुझे तेरे रब का वास्ता
की दिल का दर्द है ऊपर से मालूम नहीं होता
भूला ने के लिए दर्द शराब से मु लगा ना पडता है
वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुनकिन
उसे खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ ना अच्छा है
कोन भूला पाता है मोहब्बत को
हर किसी को एक तारीख पूरानी याद रेहति है
तुझसे बाते अब ना होगी पर याद रख
मेरी जान ये मोहब्बत उम्रभर कम ना होगी
एक ही दिल है पर हजार दर्द से जुडा है
नींद हो ख्वाब हो या सफर सब कुछ अधूरा है
एक ही सपना तेरा तुझे पाने का वोभि टूट गया
एक ही सीने में दिल मेरा जो चकनाचूर हो गया
खुशियों की नदी और गम का समुन्दर है
मत कर मोहब्बत मोहब्बत का दूसरा नाम ही मुसीबत है
तेरे बाद तेरा दर्द से रहे है अंडर ही गम
दबाकार किसी और के पास खुश रे रहे है
काश दिल में एक ऐसा प्रोसेसर होता
जिसने रीसेंट डिलीट का ऑप्शन होता
व्याज भर्ती रही आंखे सारी उम्र
पता ना था उसने उधार इश्क किया है
जिसका पेहले से ही इश्क कोई और हो
वो मेरा क्या आखरी इश्क होगा
छीन लेटे है वहीं लोग मुस्कान चेहरे की
जिन्हे बता दिया जाय तुम वजा हो मुस्कुराने की
Love Alfaaz shayari in Hindi

अगर जिंदगी रही आखरी सफर तक तो
रहेगी फिक्र तेरी आखरी सास तक
जानते है हम कभी तुम लौट कर नहीं अवोगि
फिरभि दिल कहा मानता है हर रोज तेरा इंतजार कर्ता है
एक उम्र कट गई उसे समझाने मे
बची उम्र में फिर खुद समझदार बन गए
जो अल्फाज दिल छू लेते है
वो अल्फाज अक्सर दिल टूटे शायर के
कलम से निकले हुवे होते है
अब तो यही अच्छा है की कुच राज सीने मे दफन रहे
वो रो पड़ेंगे अगर हमने अपने दिल के अल्फाज कहे
हम्भी उनके पीछे पागल थे और
वो भी कहा शरीफ थे
वो भी किसी और की चाहत में डूबे हुए थे
सीने के अदंर सिमट कर रेहता है
अच्छा है दिल सिर्फ धडक ता है
अल्फाज नही उसके अंदर सिर्फ
जज्बात से गुजारा करता है
किसी ने छोड़ दिया है अपना केहके
दिल तोड़ दिया है तन्हा करके
जो कभी ना पुरे हो ऐसे मेरे कुच अधूरे ख्वाब है
ये सिर्फ दर्द के अल्फाज नही अंडर के जज्बात है
मंजूर नहीं बिछड़ना नफरत से भरे दिल को
कीतना मनाए मेहबूब को
अल्फाज भी नहीं अब तो केहने को
कितना बदले हम ए जिन्दगी जीने के लिए
कुछ तो रेहने दे आखरी सास में खोने के लिए।
सर्द हवा से कुछ यू मौसम ठंडा हुवा
हर जगा ठंड छाई है तेरी बाहों के सिवा
जब तुम्हारी यादों के पैगाम दिल में
आते है कलम उठाते ही अल्फाज अपने आप
खयालों में आ जाते हैं
मेरी लिखी शायरी को सिर्फ शब्द ना समझ ना
ये सिर्फ अल्फाज नही एहसास है।
तेरे सितम किए गए ये उन्हीके एहसास है
तेरे नजर अंदाज किए गए और
हमारे हाथो से लिखे गए ये वही अल्फाज है
उपतेरे दर्द के किस्से बताते बताते शायरी हो गए
साही से लिखे मेरे अल्फाज मेरे साथी हो गए।
two line alfaaz shayari

तुमसे इस कदर हमने दिल लगा लिया की
किसी और से अब दिल नही लग रहा है
उदास हु तन्हा हु अकेला हु
ये सबकुच हु क्युकी में अब्भि तुम्हारा हु
खुदा से बस इतनी सी गुजारिश है
या तो उश्से मिला दे या तो भुला दे
तुम पर सक नही विश्वाश था
अब तो सक नही हक नहीं और विश्वास भी नहीं
कुछ पल का सुकून कुच पल की खुशी बने थे
छोर के गए तो ज़िन्दगी भर की याद बन गए
पेहले उसे मनाते थे की हो जाव मेरे
अब दिल को समझाते हैं की भूल जाव उसे
एसी कोई दवा नहीं जो हमारे जख्म भर दे
ऐसा कोई खास नहीं जो तुम्हारी कमी पूरी करदे
तुम तो किसी और के हो गए
लेकीन आज तुम्हारी ही मेहरबानी है की
हम शायरी के अल्फाज बन गए
आज पता चला जनाजे में इतनी भीड क्यू होती है
क्युकी जाने के बाद ही
लोगों को अहमियत का पता चलता है
एक बात हमारी मान लो ना
बिन तेरे हम अधूरे हैं सफर में हाथ थाम लो ना
खामोश रहने दो हमे हम अल्फाज सुना नेपे आजाये
तो वो बेवफाई के अल्फाज सहन नहीं कर पाएंगे
दर्द को दिल में रखा है अल्फाज लिखने के लिए
थोडा खुदका लिया है थोडा जमाने का चुराया है
थोडा संभल जाओ मोहब्बत करने वालो
तुम सवाल खोजते रहोगे और
मोहब्बत तुम्हारी नीलाम हो जाएगी
हमारा और उनका साथ कमाल का था
मगर किस्मत को हमारा फैसला मंजूर ना था
किसी ने पूछा तुम्हारी शायरीमें इतना क्या खास है
हम्ने कहा उनके दिए गए दर्द
और उसी में से निकले हमारे अल्फाज है
तेरे हुनर को हमने दुनिया में रखा तो हस पड़ी और
तेरे दिए दर्द को अल्फाज में बताया तो वो भी रो पड़ी
जिस तरा तुमने तोड़ा है दिल
दुवा मागते कोई ना तोरे हमारी तरा तुम्हारा दिल
दुवा मागते रहे की वो हमारे नसीब में हो
और देखते ही देखते कोई नसीबदार उन्हे चुरा ले गया
चाहत है पर किस तरा तुझे जताते
इश्क है मोहब्बत है पर किन अल्फाजों में बताये
कुछ अल्फाज एसे होते हैं जनाब की
दिल जीत भी लेटे है और चीर भी देते है
Dosti Alfaaz shayari in Hindi

दोस्ती नाम है सच्चे एहसास का,
न रिश्ता, न लालच—बस दिल की बात का
हम दोस्ती में रस्में नहीं निभाते,
हम तो बस दिल से दिल मिला जाते
न वक़्त की पाबंदी, न मिलने का ग़म,
सच्ची दोस्ती में बस अपना-अपना हम
दोस्त वो नहीं जो हर बात मान ले,
दोस्त वो है जो सही राह बता दे
कुछ रिश्ते किस्मत से मिलते हैं,
और कुछ दोस्त दिल जीतकर।
दोस्ती में ना कोई दिन, ना कोई तारीख़ चाहिए,
जब याद आ जाए दोस्त… वही पल अच्छा चाहिए
दोस्त बदलते नहीं हैं, वक़्त बदलता है,
सच्चे दोस्त वही हैं जो हर वक़्त साथ रहता है
हमारी दोस्ती किसी परीक्षा की मोहताज नहीं,
यह तो वो रिश्ता है जिसे बस दिल समझता है
ना शर्तों में बंधी ना वक़्त की मोहताज
तेरी दोस्ती है मेरी सबसे बड़ी आवाज़
ना कोई रटता है ना कोई याद दिलाता है
बस दिल से दिल तक ये रिश्ता निभाता है
ज़िंदगी के सफ़र में कई लोग मिले,
पर तुम जैसे दोस्त कम ही दिल में बसते हैं
दोस्ती का असली मज़ा तो तब है,
जब बिना वजह भी दोस्त याद आ जाए
शुक्र है किस्मत का, जिसने तुम्हें दोस्त बनाया,
वरना इस दुनिया में कौन किसका होता है
दोस्ती का कोई तोल-भाव नहीं होता,
यह तो दिल से दिल तक का सफ़र होता
जहाँ दोस्ती होती है, वहाँ फ़ासले नहीं रहते
दिल से दिल का रास्ता हमेशा खुले रहते हैं
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला
दोस्ती जब किसी से की जाए तो याद रखे
दुश्मनों की भी राय ली जाए
तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले
तिरा हुनौर कुछ नहीं था मेंरी शायरी से पहले
इस दिल ने भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से बडी दोस्ती कर ली
दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है सच में
दोस्तों ने भी क्या कुछ कमी नही की है
सचाई भी सादगी से कम नहीं होती
सादगी भी सिंगार से कम नहीं होती
ये तो अपना अपना ढंग है
वर्ना दोस्ती भी प्यार से कम नहीं होती
महसूस करो तो दोस्त कहना छलकूं तो जज़्बात
बदलूँ तो मुझे वक़्त कहना थम जाऊँ तो हालात
ज़िन्दगी के कठिन पलो में
बेवफ़ा नही दोस्त याद आते हैं
नही लगाई जाती सर्ते नहीं दोस्ती के साथ
कीजिये मुझे क़ुबूल मेरी हर कमी के साथ
तेरे बिना कोई बात अधूरी सी लगती है,
हर खुशी भी थोड़ी कम जरूरी सी लगती है
तेरी दोस्ती वो खज़ाना है मेरे पास
जिसके आगे ये दुनिया भी बेज़रूरी सी लगती है
ना दिन देखा ना रात देखी,
दोस्ती में बस तेरी बात देखी
पैसे हों या ना हों जेब में
तेरे लिए दिल में गेहरी चाहत देखी
दुनिया वाले बोलें कमीने दोस्त मत रखो,
मैं हँस के बोला कमीनों ने ही सभी
कमिया पूरी की है
कभी लड़ाई कभी लड़कियों पर लड़ाई
कभी seen कर के reply ना देना भाई भाई भाई
पर जब भी मुसीबत आई
बिना बुलाए तू ही सबसे पहले दिखाई दिया सच्चा भाई
हर ठोकर पे तू संभाल लेता है
ग़मों को भी तू सवाल लेता है
तेरे जैसी यारी पे नाज़ है मुझे
क्योंकि तू सब से पहले जवाब देता है
हमने जब भी तन्हाई को आवाज़ दी
तेरी दोस्ती ने राहत दी
जिन रिश्तों की ना कोई मजबूरी थी
तेरी यारी उनमें सबसे ज़रूरी थी
तू मेरी सुबहों की पहली मुस्कान है
ग़मों की रातों में भी एक पहचान है
लोग समझते हैं बस एक दोस्त है तू
उन्हें क्या पता तू मेरी पूरा जहान है
तेरा नाम जब भी दिल से निकला है
हर साज़ ने मुझे दोस्त कह कर ही छुआ है
वो जो सभी से ज्यादा मेरा हाल समझे
ऐ दोस्त तेरा होना ही मेरी दुआ है
deep meaning two line alfaaz shayari
टूट गए ख्वाहिसो के घर
जिम्मेदारियों ने हक मांगना शुरू कर दिया
अल्फाज ही सब कुछ होते है दिल
जीत भी लेते हैं दिल चीर भी लेते है
जब भी दिल टूटे मेरा मुझपे इंजाम आता है
चाहे कोई भी हो बहाना तेरा ही नाम आता है
हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है,
वजह कोई मजबूरी भी हो सकती है।
इतना बदनाम भी बीमार ना हो,
मौत आने ही को तैयार न हो..
बदला हुआ कहता है वो मुझे,
जो खुद पहले जैसा नही रहा.!
सवाल ये नही की दर्द कितना है,
बात ये है कि परवाह किसे है.
जिन्दगी तो सबके पास है,
पर हर कोई जिंदा थोडी है.
पहले चुभा बहुत, अब आदत सी है
ये दर्द पहले था, अब इबादत सी है
पसंद बना के ठुकराया गया है,
बुरा नहीं था मैं बनाया गया है
हर बात अल्फाज में बया मत करों
कभी किसी को खामोशी भी समझ ने दो
अब तुम आए होतो चांदनी सी बात हो
ये बातो की बरसात पूरी रात हो
एक अरसो तक हम गायब हो
ना किसी से वास्ता ना किसी से शिकायत हो
मोहब्बत ए इश्क में चाहत जितनी गहरी हो
तकलीफ उतनी ही जहरीली होती है
बिना खोए कुछ नही मिलता
जन्नत भी मौत मांगती है
हमको वहा से पढिए जहा से हम मौन है
ये हसना हसाना तो हमारा हुनर है
जिसने मोर को साप खाते देखा है
उनका दिल कभी हसीन चेहरों पे फिसलता नही
अल्फाज तो एक बहाना है
सच तो दिल को तेरे होने का अफसाना है
प्यार की राहों में तुम ऐसे मिले
जैसे अँधेरे में रोशनी जले
तुम्हारी मुस्कान में कुछ तो बात है,
दिल को हर बार तुमसे ही मुलाक़ात है
मेरी धड़कनों में बसता जब तुम्हारा नाम,
भूल जाता हूं मैं हर मुकाम
तुम हो तो लगता है सब कुछ है अपना
जैसे कोई खुली आंखों से देखे सपना
प्यार लिखूं तो सिर्फ़ तुम्हें लिखूं
चाहे कितना भी हसीन आए जिन्दगी
में तेरे सिवा किसी को ना रखू
Jazbaat alfaaz shayari
अल्फ़ाज़ कम पड़ जाते हैं,
जब दिल पूरा बयां करना हो,
मोहब्बत लफ़्ज़ नहीं समझती,
वो तो एहसास से जिया करती है।
हमने तो अपने दिल के दरवाज़े पे लिखा है,
“दस्तक सिर्फ वही दे,
जो निभाना जानता हो।”
तुम पूछते हो मेरी ख़ामोशी का राज़,
क्या बताऊँ…
अल्फ़ाज़ ढूंढते-ढूंढते जज़्बात रो पड़ते हैं।
तेरी यादों का असर कुछ ऐसा है,
ना ज़माना समझ सका,
ना हम बयां कर पाए।
अल्फ़ाज़ों में कैद कर लूँ अगर,
तो रोयेगा ये जमाना,
दिल में दफ़न रहने दूँ तो
हम तन्हा मर जाएंगे।
वक़्त बदल गया मगर दिल नहीं,
लोग बदल गए मगर एहसास नहीं,
तुम चले गए मगर हम आज भी वहीं
जिसे चाहता हूँ वही समझ नहीं पाता,
जो समझते हैं वो अपना नहीं होता,
हर कोई क्यू हर बार दिल से खेल जाता
कहाँ जाकर ढूँढूँ अपनी खुशी,
जिसको माँगा था उसी ने दर्द दिया,
और दिल ने फिर भी उसे ही खुदा बना लिया
मेरी किस्मत से शायद मोहब्बत ख़फ़ा है,
जिसे भी दिल से चाहा दूर चला गया,
दिल टूट टूट के चकना चूर हो गया
दर्द छिपाने में मुद्दतें गुजर गईं,
मुस्कुराने का ढोंग करना सीख गया,
बस यूंही हस्ते हस्ते ये साल भी बित गया
dil ke alfaaz shayari in hindi

तुम्हारी याद का आलम भी क्या अजीब है,
दिल तो चाहता है मुस्कुराऊँ
पर आँखे रज़ामंद है
मोहब्बत की राह में हमने बस इतना सीखा है,
दिल किसी से भी लग सकता है
मगर किस्मत से वो नहीं
तुमसे मिलकर ऐसा लगा
जैसे ख़ुद से मुलाक़ात हो गई,
वरना हम तो अरसे से अपनी ही तलाश में थे
इश्क़ में हारकर भी जीता ही रहता हूँ,
क्योंकि वो हार में भी मैं खुश रहता हू
किसी को चाहने की हद होती है,
पर तुम्हें चाहकर लगा
हदें भी छोटी होती है
वक़्त और मौसम चाहे जितने ही बदल ये है
मगर कुछ लोग दिल में वैसे ही महकते हैं।
हमारी ख़ामोशी भी तुमसे ही रूठी है,
वरना दिल को मनाने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगता
तेरा ज़िक्र आता है
तो दिल धीरे से मुस्कुराता है,
ये इश्क़ भी कम्बख़्त
कितना ख़ामोशी से सताता है
जो लोग दिल में उतरते हैं,
वो फ़ासले नहीं देखा करते,
हम तो बस तुम्हारा नाम
सुनकर ही जी उठा करते हैं
तुम्हारी एक झलक में क्या असर है जाने,
ये हमारा दिल में सैलाब लाता है
तू माने या ना माने
इश्क़ अगर ख्वाब है, तो हम जागना नहीं चाहेंगे
और अगर हक़ीक़त है
तो इससे भागना नहीं चाहेंगे
तुम्हारी मोहब्बत बस एहसास नहीं,
ये तो मेरा हर दिन खास करने की मिठास है
कुछ लोग दूर होकर भी दिल के पास रहते हैं,
और कुछ पास रहकर भी दिल से दूर रहते हैं
तुम्हारे बिना दिल की महफ़िल सूनी लगती है,
जैसे कोई गजल शायर के बीना अधूरी लगती है
दोस्तो , तो हम आशा करते है की आपने हमारे इस शायरी ब्लॉग की सभी शायरी पढ़ ली होगी और आपको हमारा आज का ये टॉपिक पसंद❤️ आया होंगा अगर आपको यह पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तो तक शेर करे इंस्टाग्राम और फेसबुक के थ्रू, तो फ्रेंड मिलते हैं atozshayar.com के नए अगले ब्लॉग में Thank you ❤️👍